महिला से सामूहिक दुष्कर्म: पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ कर्मी गिरफ्तार
के कुमार आहूजा क्राइम रिपोर्टर 2026-09-27 05:39:02

महिला से सामूहिक दुष्कर्म: पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ कर्मी गिरफ्तार
अमरोहा, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली लगभग 24 वर्षीय एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे धार्मिक स्थलों की यात्रा के बहाने अमरोहा लाया गया था। पुलिस के अनुसार, अतरासी-हसनपुर मार्ग पर स्थित एक फार्महाउस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तारी और आरोपी
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के दो कर्मियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो कर्मियों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हसनपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद के अलावा सीआरपीएफ के दो कर्मी—इंस्पेक्टर मोहित और हेड कांस्टेबल लालाराम यादव शामिल हैं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर हसनपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता 21 सितंबर को सोनीपत में सीआरपीएफ कर्मी मोहित से मिली थी, जिसके बाद वे मेरठ पहुंचे और वहां से हसनपुर आए। रास्ते में स्थानीय दरोगा संजय तोमर भी उनके साथ जुड़ गया। सभी लोग अतरासी-हसनपुर मार्ग स्थित एक फार्महाउस पर पहुंचे जहाँ दो कमरे किराए पर लिए गए। पीड़िता का आरोप है कि वहां सीआरपीएफ कर्मियों और स्थानीय दरोगा ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। किसी तरह खुद को बचाकर पीड़िता ने बुधवार सुबह करीब छह बजे पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए अमरोहा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) लखन सिंह यादव ने स्थानीय उप निरीक्षक संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, सीआरपीएफ के दोनों आरोपी कर्मियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उनके उच्चाधिकारियों को आधिकारिक रिपोर्ट भेज दी गई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है तथा उस फार्महाउस के प्रबंधक से भी पूछताछ की जा रही है।
न्याय और जांच
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों और सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। विपक्षी नेताओं ने कानून व्यवस्था और पुलिस बल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस पूरी साजिश में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही है। पीड़िता को न्याय दिलाने और इस मामले में संलिप्त सभी दोषियों के खिलाफ अदालत के माध्यम से कड़ी कानूनी सजा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विधिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध तथ्यों और सूचनाओं पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आपराधिक मामलों और कानूनी कार्रवाई से जुड़े मामलों की पुष्टि के लिए पाठकों को आधिकारिक स्रोतों की जानकारी लेनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।









